भाजपा उत्तर प्रदेश इकाई का गठन: चुनाव से पहले संगठन में खींचतान

Formation of BJPs Uttar Pradesh Unit

Formation of BJP's Uttar Pradesh Unit

लखनऊ। Formation of BJP's Uttar Pradesh Unit, उत्तर प्रदेश के विधान सभा अब चुनाव ज्यादा दूर नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ दिल्ली में कई बार मैराथन बैठक के बावजूद भाजपा अपनी प्रदेश इकाई नहीं बना पाई।

भाजपा उत्तर प्रदेश इकाई की सूची दिग्गजों की पसंद और पैरोकारी के बीच फंसी है। दो महामंत्रियों एवं चार उपाध्यक्षों को लेकर ज्यादा खींचतान है, वहीं सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की जगह नए चेहरों को लेकर पेच फंसा है। हर पद पर दो-तीन जातियों के कार्यकर्ताओं के नाम सूची बनाकर दिल्ली में दे दी गई है, जहां से हरी झंडी मिलने पर टीम घोषित होगी।

चर्चा है कि संगठन की रचना काशी की धुरी पर घूमेगी। प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री की पसंद का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस बहाने प्रदेश इकाई विवाद एवं कार्यकर्ताओं की नाराजगी से बचने का भी प्रयास करेगी।

पिछले वर्ष दिसंबर में महाराजगंज के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को कुर्मी चेहरा के रूप में प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया। इसे सपा के पीडीए फैक्टर की काट के रूप में भाजपा का बड़ा दांव कहा गया, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद प्रदश संगठन नहीं बना। जबकि चुनाव में आठ से कम माह बचे हैं।

संगठन में नए पदाधिकारियों की संख्या ज्यादा रखने के लिए दो नियम बनाए गए। पहला यह कि संगठन में दस साल पूरे कर चुके एवं एमएलसी बन चुके पदाधिकारियों को बदला जाएगा। इससे बड़ी संख्या में नए चेहरों को पदाधिकारी बनाने का अवसर बना।

मार्च में नगरीय निकायों में 2805 सभासदों के मनोनयन के बाद से पार्टी ने प्रदेश इकाई बनाने पर विशेष फोकस किया। इस बीच संघ और भाजपा के बीच समन्वय बैठक हुई। कोर कमेटी बैठी। राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने दो दिन लखनऊ में डेरा डाला।

इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने दिल्ली में कई बार राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष एवं विनोद तावड़े के साथ मीटिंग की, लेकिन प्रदेश पदाधिकारियों के नामों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।

पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पूरब, पश्चिम, ब्रज एवं बनारस के कई दिग्गजों ने अपने पसंदीदा नामों की जमकर पैरोकारी की। इस वजह से भी सूची अटकी। चुनावी वर्ष में क्षेत्रीय अध्यक्षों की बड़ी भूमिका होगी, ऐसे में उनके चयन में सभी पहलुओं का ध्यान दिया जा रहा है।